अपने साधना के पथ का,
रहता है निरंतर
प्रयासरत ,
पूरी करने के लिए
औरों के जीवन
के अनुष्ठान को |
करता है
जीवन अपना होम
जिसमें जलती हैं
उसकी समस्त आकांक्षाएँ
यही है मजदूर की परिभाषा !
"लारा"
डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर ( लारा ) झारखण्ड बोकारो थर्मल से । शिक्षा -इतिहास (प्रतिष्ठा)बी.ए. , संगणक विज्ञान बी.सी .ए. , हिंदी से बी.एड , हिंदी ,इतिहास में स्नातकोत्तर | हिंदी में पी.एच. डी. | | राष्ट्रीय मंचों पर काव्य पाठ | प्रथम काव्यकृति ----"स्वप्न मरते नहीं ग़ज़ल संग्रह " चाँदनी रात “ संकलन "काव्य संग्रह " ह्रदय तारों का स्पन्दन , पगडंडियाँ " व् मृगतृष्णा " में ग़ज़लें | हिंदी- उर्दू पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित । कई राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित ।
Posted by डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) at 30.4.20 7 comments
Posted by डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) at 30.4.20 6 comments
Posted by डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) at 28.4.20 9 comments
Posted by डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) at 26.4.20 2 comments
Posted by डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) at 25.4.20 2 comments
Posted by डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) at 23.4.20 3 comments
Posted by डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) at 22.4.20 5 comments
Posted by डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) at 21.4.20 2 comments
Posted by डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) at 13.4.20 1 comments
Posted by डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) at 11.4.20 7 comments