सोमवार, मार्च 21, 2022

ले गुलाबी दुआ, जा तुझे इश्क़ हो (ग़ज़ल)

 होली हास्य में डूबी हुई एक ग़ज़ल 👇


आज उसने कहा,जा तुझे  इश्क़  हो

हाल दिल का सुना,जा तुझे इश्क़ हो


दिलरुबा कोई तुझको मिले प्यार से

तू भी हो बावरा, जा  तुझे  इश्क़  हो


हिज्र  का ग़म  तुझे भी  सताये कभी

तू  करे  रतजगा, जा  तुझे  इश्क़  हो


क्यों  दहलता  है तू  प्यार के नाम से

इश्क़ में  डूब जा, जा  तुझे इश्क़  हो


कौन  देता किसी  को हसीं  ये  दुआ

ले  गुलाबी  दुआ, जा  तुझे इश्क़  हो


डॉ. रजनी मल्होत्रा नैय्यर

बोकारो थर्मल, झारखंड

गुरुवार, मार्च 17, 2022

कोई मले गुलाल तो बुरा न मानो होली है

 शुभ रंगोत्सव मित्रों 😊🙏


न आज रंग से बचो बुरा न मानो होली है

कोई मले गुलाल तो बुरा न मानो होली  है


भुला दो भेदभाव सब भुला दो सारी दूरियाँ

लगा के रंग बस कहो बुरा न मानो होली है


जला दो सारी नफ़रतें इस होलिका की आग में

सभी से बस गले मिलो बुरा न मानो होली है


लिए गुलाल हाथ में चलीं वो देखो टोलियाँ

गली गली ये शोर हो बुरा न मानो होली है


निराली ब्रज की होली है जो आ गए हो तो सुनो

पड़े जो सर पे लट्ठ तो बुरा न मानो होली है


"डॉ. रजनी मल्होत्रा नैय्यर

बोकारो थर्मल,झारखंड