सोमवार, मार्च 07, 2011

नारी तेरे रूप अनेक


महिला दिवस पर समस्त नारी जाति को हार्दिक शुभकामनायें .............

ये रचना मेरी प्रथम काव्य संग्रह "स्वप्न मरते नहीं " से ली है


नारी निभा रही है हर जिम्मेवारी,
कैद ना करे इन्हें घर की चहारदीवारी,
कंधे से कंधा मिलाकर,
कम की है इसने,
पुरुषों की जिम्मेवारी,
जीवनसाथी बनकर,
पूरी करती अपनी हिस्सेदारी,
कभी रूप सलोना प्यारा लगे,
रहे शांत समुंद्र सी न्यारी,
अगर जरुरत पड़ जाये ,
ये बन जाये चिंगारी,
कभी दूध का क़र्ज़ निभाने को,
कभी माँ,बहू, बहन का फ़र्ज़ निभाने को,
पल पल पीसी जाती रही नारी,
हर कदम इम्तिहान से गुजरी ,
फिर भी उफ़ ना मुख से निकली,
ये तो महानता है इसकी,
जो दिखती नहीं इसकी बेकरारी,
आधा रूप बदला इसने जो,
समाज का अक्स सुधारी,
तुलना करोगे किससे ?
हर कुछ छोटा पड़ जायेगा.
ममता की गहराई मापने में ,
सागर भी बौना खुद को पायेगा.
ये अनमोल तोहफा है,
जो कुदरत ने दी है प्यारी,
हर मोड पर फिर क्यों ?
बुरी नज़रों का करना पड़ता है ,
सामना इसे करारी.
ये क्यों भूल जाते हो ?
तुम्हें संसार में लानेवाली भी,
है एक नारी.
चुटकी भर सिंदूर को ,
मांग में सजाती है,
उसका मोल चुकाने को,
कभी कभी ,
जिन्दा भी जल जाती है नारी.
हर जीवन पर करती अहसान,
फिर भी ना पा सकी सम्मान.
नारी निभा रही है हर जिम्मेवारी,
कैद ना करे इन्हें घर की चहारदीवारी.

"रजनी मल्होत्रा नैय्यर "

13 comments:

सदा ने कहा…

बहुत खूब कहा है आपने इस रचना में ...


।। महिला दिवस की शुभकामनाएं ।।

Sawai Singh Rajpurohit ने कहा…

आज मंगलवार 8 मार्च 2011 के
महत्वपूर्ण दिन "अन्त रार्ष्ट्रीय महिला दिवस" के मोके पर देश व दुनिया की समस्त महिला ब्लोगर्स को "सुगना फाऊंडेशन जोधपुर "और "आज का आगरा" की ओर हार्दिक शुभकामनाएँ.. आपका आपना

Khare A ने कहा…

aapko bhi mahila divas ki hardik shubkamnye,

rachan bahut hi sundar ban padi he

डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) ने कहा…

aap sabhi ko mera hardik aabhar...........

मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा…

happy womens day...rajni...:)
aur rachna...ne mahilaon ko bakhubi se chitrit kiya hai..!

rajasthanicinema ने कहा…

happy womens day.

सहज समाधि आश्रम ने कहा…

धन्यवाद रजनी जी । विजेट लगाने के लिये ।
मैं आपकी कविताओं और व्यक्तित्व प्रर कुछ समय बाद एक
पोस्ट निकालूँगा । लेकिन आप का ब्लाग लाक्ड है । इसलिये
ये सूट वाला चित्र और अपनी मनपसन्द अपनी कुछ कवितायें
मुझे मेल से भेज दें । धन्यवाद ।

सहज समाधि आश्रम ने कहा…

धन्यवाद रजनी जी । विजेट लगाने के लिये ।
मैं आपकी कविताओं और व्यक्तित्व प्रर कुछ समय बाद एक
पोस्ट निकालूँगा । लेकिन आप का ब्लाग लाक्ड है । इसलिये
ये सूट वाला चित्र और अपनी मनपसन्द अपनी कुछ कवितायें
मुझे मेल से भेज दें । धन्यवाद ।

mridula pradhan ने कहा…

bahut sundar prernadayak kavita....

सहज समाधि आश्रम ने कहा…

कभी माँ,बहू, bahn का फ़र्ज़ निभाने को, ।
धन्यवाद रजनी जी । आपके इस शब्द bahn से मुझे ऐसा लगा कि आप new post में ही शायद आनलाइन टायपिंग करती हो । यदि ऐसा हो । तो आप आफ़लाइन आसान टायपिंग के लिये " उफ़ ! ये ब्लागिंग BLOGGERS-PROBLEM " के लेख " हिन्दी में टायप करना है आसान । 3 हिन्दी साफ़्टवेयर " Monday, 7 March 2011 को प्रकाशित देखें । और बाराह पैड नाम का छोटा सा साफ़्टवेयर डाउनलोड कर लें । दरअसल इस तरह शब्द bahn आनलाइन टायपिंग में ही नहीं बदल पाते ।

सहज समाधि आश्रम ने कहा…

कभी माँ,बहू, bahn का फ़र्ज़ निभाने को, ।
धन्यवाद रजनी जी । आपके इस शब्द bahn से मुझे ऐसा लगा कि आप new post में ही शायद आनलाइन टायपिंग करती हो । यदि ऐसा हो । तो आप आफ़लाइन आसान टायपिंग के लिये " उफ़ ! ये ब्लागिंग BLOGGERS-PROBLEM " के लेख " हिन्दी में टायप करना है आसान । 3 हिन्दी साफ़्टवेयर " Monday, 7 March 2011 को प्रकाशित देखें । और बाराह पैड नाम का छोटा सा साफ़्टवेयर डाउनलोड कर लें । दरअसल इस तरह शब्द bahn आनलाइन टायपिंग में ही नहीं बदल पाते ।

डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) ने कहा…

hardik aabhar mam .....

Rajiv ji aapko bhi mera hardik aabhar ....maine blog tips use kiye ...

Santosh Pidhauli ने कहा…

होली की अपार शुभ कामनाएं...बहुत ही सुन्दर ब्लॉग है आपका....मनभावन रंगों से सजा...