सोमवार, जनवरी 17, 2011

ख़ुशी हूँ मै.

चंचलता की मै मूरत हूँ,
लोग कहते हैं , मै खूबसूरत  हूँ.
बोलो कौन हूँ मै ?
ख़ुशी हूँ मै.

जिसके ज़िन्दगी में  ,
वो तो मालामाल है,
जिसके ज़िन्दगी से बाहर,
 वो तो कंगाल है.

हर कोई चाहता है,
मेरा  ज़िन्दगी में साथ.
तीखी जीवन में मैं मिठास हूँ,
सूखे अधरों की मै प्यास हूँ.
आसां नहीं,
हर ज़िन्दगी में मेरा आना,
क्योंकि,
ख़ुशी चीज़ ही है ,
मुश्किल से मिल पाना.

हर कोई जीवन में ,
मेरी तमन्ना रखता है,
भर जाये सागर  जीवन में,
ऐसी चाहत रखता है.
कोई तो मुझे पाकर,
सागर सा ज़िन्दगी जीता है,
जहाँ मै नही,
वो बूंद बूंद को रोता है,

मुझसे ही पूरी है ,
जीवन की कहानी,
बस जाऊं  मै जहाँ,
ना आये आँखों में ,
गम की पानी.

हर आँख की चाहत है ,
बस मेरे आंसू भरना.
चंचलता की मै मूरत हूँ,
लोग कहते हैं , मै खूबसूरत  हूँ.
बोलो कौन हूँ मै ?
ख़ुशी हूँ मै.

" रजनी नैय्यर मल्होत्रा "

13 comments:

उपेन्द्र नाथ ने कहा…

बहुत ही भावपूर्ण प्रस्तुति.......बिल्कुल सच्चाई बयां करती हुई.

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

मुझसे ही पूरी है ,
जीवन की कहानी,
बस जाऊं मै जहाँ,
ना आये आँखों में ,
गम की पानी.

सुंदर भावाभिव्यक्ति.....

ब्लॉ.ललित शर्मा ने कहा…

सुंदर कविता के लिए आभार

संजय भास्‍कर ने कहा…

आदरणीय रजनी मल्होत्रा नैय्यर जी
नमस्कार !
..........दिल को छू लेने वाली प्रस्तुती

संजय भास्‍कर ने कहा…

सुंदर मनोभावों की सशक्त अभिव्यक्ति.

Asha Lata Saxena ने कहा…

खुशी पर अच्छा सोच बधाई |
आशा

डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) ने कहा…

mera hardik aabhar aap sabhi ko yun hi sneh milta rahe aapka ..........

Creative Manch ने कहा…

"कोई तो मुझे पाकर,
सागर सा ज़िन्दगी जीता है,
जहाँ मै नही,
वो बूंद बूंद को रोता है,"

निर्मल भावयुक्त सुन्दर कविता
बिलकुल सच कहा ख़ुशी के बारे में
बहुत अच्छी लगी कविता
बधाई
आभार

Kavita Rawat ने कहा…

मुझसे ही पूरी है ,
जीवन की कहानी,
बस जाऊं मै जहाँ,
ना आये आँखों में ,
गम की पानी.

बहुत सुन्दर सोच के साथ सशक्त अभिव्यक्ति.

मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा…

मुझसे ही पूरी है ,
जीवन की कहानी,
बस जाऊं मै जहाँ,
ना आये आँखों में ,
गम की पानी.

Rajni jee, aap aajkal barabar nahi dikhte, lekin jab bhi aate ho..ek bhaw bhare khubsurat rachna ke saath...kya baat hai....khushiyon ko kitna khubsurat roop diya aapne...badhai..

डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) ने कहा…

aap sabhi ko hardik naman yun hi sneh milta rahe kavy aur nikhar jayega mera..........

गिरीश बिल्लोरे मुकुल ने कहा…

वाह रजनी जी वाह
हर आँख की चाहत है ,
बस मेरे आंसू भरना.
चंचलता की मै मूरत हूँ,
लोग कहते हैं , मै खूबसूरत हूँ.
बोलो कौन हूँ मै ?
ख़ुशी हूँ मै.

amrendra "amar" ने कहा…

Sunder rachna , dil ko chu gayi ..
http://amrendra-shukla.blogspot.com/