शुक्रवार, अप्रैल 30, 2010

बंद आँखों में भी मेरा दीदार हो जायेगा.



फेरते हो नज़रें मुझसे ,  बचने  के लिए
बंद आँखों में भी मेरा  दीदार हो जायेगा.

तेरे     उल्फ़त     के    मारे      हम ,
नफ़रत  भी दोगे तो  प्यार हो जायेगा .

चाहत नहीं आसमां हो मेरी मुटठी में,
तेरा आँगन ही सारा संसार हो जायेगा.

चाहत की क़ीमत न लगा  ये अनमोल   है ,
वर्ना   प्रेम    एक    व्यापार  हो   जायेगा.

अब   तक    ख़ामोश     हैं   मेरी निगाहें,
 बोल  उठी  तो सुनना  नागवार   हो जायेगा.

है   अंधेरों   से   भरी मेरी  जीवन की राहें,
साथ   दो ,  रौशन   मेरा  संसार हो जायेगा.

फेरते   हो  नज़रें  मुझसे    बचने  के लिए
बंद  आँखों में  भी  मेरा  दीदार हो जायेगा.

"रजनी"

16 comments:

Shailndra Singh Tomar ने कहा…

Wah Wah !! kya bat hai

प्रसून दीक्षित 'अंकुर' ने कहा…
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प्रसून दीक्षित 'अंकुर' ने कहा…

हैं अंधेरों से भरी मेरे जीवन की राहें,
साथ दे, रोशन मेरा संसार हो जाएगा !!
*****************************
इन पंक्तियों ने दिल की गहराईओं को स्पर्श कर दिया ! आपका कोटि-कोटि धन्यवाद !
अत्यंत सुन्दर ग़ज़ल !
- प्रसून
http://prasoondixitankur.blogspot.com/

Subodh Kumar ने कहा…

bahut bahut umdaa hai ye............ pata nahi ..........kuch......

मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा…

"BAND AANKO ME BHI AAPKA DIDAR HO JAYEGA.........."..........:)

ab itni bhawpurn rachna hogi to aisa hi hoga..........!!

kabhi yahan bhi aayen
Kainvess
www.jindagikeerahen.blogspot.com

रश्मि प्रभा... ने कहा…

pyaar band aankhon se bhi didaar kar leta hai.....pyaar to bas pyaar hai

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

aapsabhi ka koti koti naman hai..........

neer ने कहा…

aap ki kavita bahot pyari hai.

siddharth ने कहा…

Mind blowing poem hai rajani didi

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत बढ़िया रचना.

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

nirmal ji.........
udan ji aapka hardik sukriya hausla afjaai ke liye.....
sidarth tumhe bhi bahut 2 prem didi ka

संगीता पुरी ने कहा…

वाह .. बहुत सुंदर रचना है !!

Avinash Chandra ने कहा…

bahut khubsurat rachna hai ye :)

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

sangeeta ji ..........
avinash ji aapdono ko mera hardik naman........

अरुणेश मिश्र ने कहा…

रचना प्रेम के उत्कट भावों की अभिव्यक्ति है ।

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

sukriya sir ji aap aaye manobal milta hai