बुधवार, मार्च 31, 2010

क्या करें अब शिकवा हम तुमसे ये जमाना,

जो     सन्नाटे      से     भी     डरते    हैं   अक्सर,
क्यों    उनकी    गली    में      शोर      होता    है |

हर     ज़िंदगी    में  रोज़    यही    कहानी   होती  है 
हर     ज़माने       में      यही    दौर       होता     है|

जो   महफ़िल      में    बने    फिरते     हैं   पारसा,
क्यों     उनके    दिल    में    अक्सर   चोर होता है|

कुछ   तो   बैठे    रह जाते   हैं   हाथें  मलते  अपने,
कुछ के सिक्कों के बल पर, जयनाद चहूँ ओर होता है|

क्या   करें   अब   शिकवा    हम   तुमसे   ऐ  ज़माना,
कि   मेरा हर   सहारा     क्यों    कमज़ोर  होता   है |

गुज़रते   हैं दहशत   में जिनके   ज़िन्दगी   के हर  पल,
उनकी    नींद   में   भी   भगदड़    का    शोर    होता है|

जो   रखते    हैं   संभाल   कर   हर   शिकन  से  खुद को,
क्यों    उनके   दिल     में   अक्सर    चोर     होता    है |

"रजनी"

9 comments:

dipayan ने कहा…

बहुत खूब। इन्सानो की सच्चाई से सामना कराया आपने । बधाई ।

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

sukriya sir.......

शशि "सागर" ने कहा…

waaaaah bahut khoob ..rajani ji

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" ने कहा…

Aapki bhavnayen achhi hai....Aap likhti bhi bahut achhi hain...bas thoda aur "behr" par dhyan dijiye...Nishchit hi aapki rachna aur nikhar uthenge...all the best!

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

shashi ji sukriya aatmviswas badhta hai sabka sneh pakar...........

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

indranil ji sukriya aapka margdarshan yaad rahega,isi tarah achhaiyon ke sath2 kamiyan bhi darsate rahen..........
aashirvaad pati rahun aapsabka.....

amrendra "amar" ने कहा…

bahut acchi gajal Waah!!!!!!

मुकेश कुमार सिन्हा ने कहा…

jo sannate se darte hain, sach me wahin shor hota hai........:) jo pareshan hote hain, unhi hi pareshaniyon ka pulanda milta hai....bahut badi baat kah di aapne...!! bahut khubsurat prastuti!!
kabhi hamare blog pe apne soch se hame bhi prerit karen

http://jindagikeerahen.blogspot.com

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

amrendra ji bahut 2 sukriya ..........
mukesh ji samman hai aapki bhavnao ka,jarur samay dungi aapke blog ko bhi ,sukriya.....