बुधवार, दिसंबर 09, 2009

ये तो मेरी अदा है, दिल की दर्द छुपाने की

हम हंसते हैं तो उन्हें लगता है ,
हमें आदत है मुस्कुराने की,
नादाँ इतना भी नहीं समझ पाते,
ये तो मेरी अदा है,
दिल की दर्द छुपाने की|

7 comments:

gaurav ने कहा…

cute one

डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) ने कहा…

sukriya gaurav ji..........

amrendra "amar" ने कहा…

oh! nice lines Mam........

डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) ने कहा…

amrendra ji thanks a lot.......

Unknown ने कहा…

आँखों मे है नींद बड़ी,
पर सोने का वक़्त नही.
दिल है गमो से भरा हुआ,
पर रोने का भी वक़्त नही.

Unknown ने कहा…

दोस्ती का एक पल भी
दोस्तों के काम आए तो
तो ज़िन्दगी भर के
रास्तो में बस खुशी
का जाम आये

डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) ने कहा…

bahut achha likha hai lokesh ji........