शुक्रवार, अक्तूबर 01, 2010

ये सोने की चिड़िया चहकेगी कैसे

ये     सोने    की    चिड़िया   चहकेगी    कैसे,
हर   डाल पर    शिकारियों    ने तीर   साधे हैं|

क्या    करेंगे  वो सन्तान का     कर्तव्य   पूरा,
जिन्होंने  माँ को आपस में बांटे आधे -आधे हैं |  

झेलती   ग़रीबी        और   लाचारी  के    मारे ,
आधी   जनता लोमड़ी, आधी   सीधे-   साधे हैं |

सफेदी   में   छूपे   हैं    नक़ाब      कालेपन   के,
हर      वादे   पर  चढ़े  एक   झूठे       वादे    हैं |

आज़ादी     की    सांसे    लग   रही  भारी इन्हें,
फिर    से    ज़ंजीरों     में जकड़ने   के   इरादे  हैं | 

ये    सोने    की     चिड़िया      चहकेगी    कैसे,
हर     डाल पर    शिकारियों  ने   तीर   साधे  हैं|

"रजनी  मल्होत्रा नैय्यर ".

7 comments:

संजय भास्कर ने कहा…

ये सोने की चिड़िया चहकेगी कैसे,
हर डाल पर बहेलिये ने तीर साधा है.

......बहुत खूब, लाजबाब !

संजय भास्कर ने कहा…

आदरणीय रजनी मल्होत्रा नैय्यर जी
नमस्कार !

कमाल की लेखनी है आपकी लेखनी को नमन बधाई

Aditya Tikku ने कहा…

atulniy-*****

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

mera hardik abhar aap dono ko .....

उपेन्द्र " the invincible warrior " ने कहा…

बहुत ही सुन्दर प्रसतुति.......

ALOK KHARE ने कहा…

sahi bat keh di, lekin me aadhi janta lomdi se ittefaq nhi karta, lomdi to 10-20 % hi he, baki sab bhuktbhogi hain,

rachna shaandar he

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

hardik naman aise hi protshahan ke sath 2 sujhav bhi prakat karen........