मंगलवार, जून 22, 2010

बस एक इरादा ही, काफी है, फैसले, बदलने ले लिए,

उस ज़िन्दगी को,
 क्या कहें ?
जो भरी ना हो,
चुनौती से ,
बस एक इरादा ही,
काफी है,
फैसले,
बदलने ले लिए,
हर पल जो,
तैयार हो,
मुश्किलों  में भी,
चलने के लिए.

6 comments:

प्रसून दीक्षित 'अंकुर' ने कहा…

हर पल जो,
तैयार हो,
मुश्किलों में भी,
चलने के लिए.
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आंटी जी ! आपने काफी सुन्दर सी रचना प्रस्तुत की है ! आभार !

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

irade buland ho to kya kahne.......:)

badhiya...

amrendra "aks" ने कहा…

Nice lines Rajni ji ............

रजनी नैय्यर मल्होत्रा ने कहा…

aap sabhi ko mera hardik naman

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

सचमुच, इरादे ही तारीख लिखते हैं।
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आखिर क्यूँ हैं डा0 मिश्र मेरे ब्लॉग गुरू?
बड़े-बड़े टापते रहे, नन्ही लेखिका ने बाजी मारी।

RAJESH SHARMA "CHIRAG" ने कहा…

BAHUT KHOOB