रविवार, नवंबर 29, 2009

चाहत अगर पूरी हो जाए

चाहत अगर पूरी हो जाए,
तो चाहत ख़त्म नहीं होती,
और अगर वो ख़त्म हो जाए,
तो वो सच्चा प्रेम नहीं.

4 comments:

MANISH KUMAR ने कहा…

nice thought
keep it up?

डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) ने कहा…

manish kumar ji aapka sukriya..........

अनाम ने कहा…

nice thought but... चाहत अगर पूरी हो जाए,
तो चाहत ख़त्म नहीं होती aapki poem padhane ki

डॉ रजनी मल्होत्रा नैय्यर (लारा) ने कहा…

to padte rahiye meri poems...........