सोमवार, अगस्त 31, 2015

मेरी क़लम भाई- बहन के इस पावन पर्व रक्षा बंधन पर कुछ कह रही है..


भूल कर गीले-शिकवे तोहमत और तक़रार
भाई के कलाई पर बंध जाये बहन का प्यार
सजे कलाई राखी से जिन भाईयों की आज
हर्षित हो फिरें वो लिए गौरव का ताज़
सरहद पर मेरे भैया मत होना उदास
लाखों बहनों की राखी गयी होंगी तेरे पास
बहन कुमारी पास में राखी लिए तैयार
बहनें विवाहिता मिलने को बेकरार
जिन्हें मिली तक़दीर से बहन की सौगात
फिर कैसे सूनी रहे राखी बिन उनके हाथ
इन दिनों चल रही जिनकी बहनें नाराज़
तोहफा इस बार राखी में दे दें उनको प्याज smile emoticon
"रजनी मल्होत्रा नैय्यर "

3 comments:

Roshi ने कहा…

bahut khoob lika hai

ब्लॉग बुलेटिन ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन, प्याज़ के आँसू - ब्लॉग बुलेटिन , मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

hardik aabhar ........