रविवार, मई 22, 2011

मेरे प्रियतम


जिसे देखूं पल ,पल ख्वाबों में,
जिसे सोंचे मन ख्यालों में,
कोई और नहीं ,वो हो तुम.
मेरे प्रियतम ,प्रियतम, प्रियतम.

अश्कों के नीर बहायें हम,
नैनो के दीप जलाएं हम.
पथ आलोकित करने को तेरा,
 सलभ सा जलते हैं हम.

जिस लम्हा तुमको पाते हैं,
हम कितना ही हरसाते  हैं.
मन के कोमल बागों में,
कितने ही सुमन मुस्काते हैं.

सूखे अधरों की प्यास हो तुम,
मेरे जीने की आस हो तुम.
जिस मंजिल की मै राही हूँ,
वो मंजिल वही तलाश हो तुम.

जिसे देखूं पल ,पल ख्वाबों में,
जिसे सोंचे मन ख्यालों में,
कोई और नहीं ,वो हो तुम.
मेरे प्रियतम ,प्रियतम, प्रियतम.

भर गया अंक तरंगों से,
प्रफुलित है मन उमंगों से.
आरम्भ हुआ है दिवस मेरा,
तेरे प्रेम के नव रंगों से.

रंजों का तिमिर भगाया है,
उल्लास को मन में जगाया है.
मै काया हूँ,तू काया की साया है.

जिसे देखूं पल ,पल ख्वाबों में,
जिसे सोंचे मन ख्यालों में,
कोई और नहीं ,वो हो तुम.
मेरे प्रियतम ,प्रियतम, प्रियतम.

"रजनी नैय्यर मल्होत्रा"

15 comments:

Roshi ने कहा…

bahut sunder likha hai

Rakesh Kumar ने कहा…

रजनी जी आपके प्यार भरे हृदय को नमन
आपके 'प्रियतम' को नमन,जिनके लिए
आपने अपने हृदय का प्रेम उंडेला.

आपकी अनुपम प्रस्तुति को नमन जो प्यार के रंगों से ओत प्रोत है.

मेरे ब्लॉग पर आईये.मेरी पोस्टें भी आपका इंतजार कर रहीं हैं.

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

hardik aabhar .....
Roshi ji ....

Rakesh ji ....

ललित शर्मा ने कहा…

रजनी जी, सुन्दर रचना के लिए आभार

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

hardik aabhar lalit ji ..........

सदा ने कहा…

भावमय करते शब्‍दों के साथ बेहतरीन अभिव्‍यक्ति ।

Kailash C Sharma ने कहा…

सूखे अधरों की प्यास हो तुम,
मेरे जीने की आस हो तुम.
जिस मंजिल की मै राही हूँ,
वो मंजिल वही तलाश हो तुम.

....प्रेम में समर्पण की बहुत सुन्दर प्रस्तुति..बहुत भावपूर्ण प्रेमगीत..

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

hardik aabhar ..... kailash ji ..
sada ji .......

ZEAL ने कहा…

कमाल का लिखा है रजनी जी
बधाई।

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

hardik aabhar divya ji .........sneh sada bana rahe aap sabhi ka ...

गिरिजा कुलश्रेष्ठ ने कहा…

रजनी जी गीत अच्छा लगा । इसमें एक शब्द है सलभ । मेरे विचार से इसे शलभ होना चाहिये ।

mahendra srivastava ने कहा…

भावपूर्ण सुंदर रचना

रंजना ने कहा…

मन के निश्छल भावों को शब्दों में पिरों बहुत ही सुन्दर प्रेमगीत रचा आपने.....

रजनी मल्होत्रा नैय्यर ने कहा…

mera hardik aabhae aap sabhi ko ....

ranjna ji .....

girija mam....

mahendra ji .........

नूतन .. ने कहा…

बेहतरीन प्रस्‍तुति ।