गुरुवार, मार्च 17, 2022

कोई मले गुलाल तो बुरा न मानो होली है

 शुभ रंगोत्सव मित्रों 😊🙏


न आज रंग से बचो बुरा न मानो होली है

कोई मले गुलाल तो बुरा न मानो होली  है


भुला दो भेदभाव सब भुला दो सारी दूरियाँ

लगा के रंग बस कहो बुरा न मानो होली है


जला दो सारी नफ़रतें इस होलिका की आग में

सभी से बस गले मिलो बुरा न मानो होली है


लिए गुलाल हाथ में चलीं वो देखो टोलियाँ

गली गली ये शोर हो बुरा न मानो होली है


निराली ब्रज की होली है जो आ गए हो तो सुनो

पड़े जो सर पे लट्ठ तो बुरा न मानो होली है


"डॉ. रजनी मल्होत्रा नैय्यर

बोकारो थर्मल,झारखंड